Wednesday, June 12, 2019

सोच संस्था की एक अनूठी पहल - Village Cinema - “Connecting Characters"

सिनेमा
सिनेमा एक ऐसा महत्वपूर्ण जरिया है जो समाज में जागरूकता फैलाता है  , कुछ सिखाता है ,कुछ बताता है, कुछ प्रेरणा देता है । कुछ सालों से भारतीय  सिनेमा में काफी बदलाव आया है , बॉलीवुड ने कई नामी हस्तियों की जीवनी पर फिल्मे बनायीं है । जो की बहुत ही प्रेरणादयक हैं । ये फिल्मे दर्शाती हैं की कोई काम आसान नहीं है लेकिन असंभव भी नहीं है । जीवन संघर्षो से भरा पड़ा है और संघर्ष से ही लक्ष्य की प्राप्ति होती है । इन फिल्मो के चरित्रों से जुड़कर ना जाने कितने ही लोग अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं |

वैसे तो सिनेमा आज टीवी , केबल , डिश टीवी के रूप में  घर-घर में पहुंच गया है लेकिन फिर भी कुछ गाँव , इलाके ऐसे हैं जंहा ये चीज़े सम्पूर्ण रूप से नहीं पहुंची है और अगर पहुंची हैं तो उसका अंदाज़ या रूप बदल गया है । गाँव में अब कोई साथ बैठकर टीवी नहीं देखता, साथ बैठकर बाते करना , कहानिया किस्से सुनाना ,सुनना लगभग ख़त्म हो गया है ।
बस इन्ही कुछ बातों को ध्यान में रखते हुवे सोच संस्था ने सोचा की क्यों ना ऐसे कुछ गाँवों में "गाँव सिनेमा" की शुरुआत की जाय , जंहा गाँव के छोटे बड़े , बच्चे , महिलाये , बुजुर्ग सब एक साथ बड़ी स्क्रीन पर फिल्म का आनंद ले सके ।  वो फिल्मे जो प्रेरणा देती हो , जो कुछ सिखाती हों ।
सोच ने इस प्रोजेक्ट को "कनेक्टिंग करैक्टर्स " नाम दिया है । जिसमे हर कोई शायद इन प्रेरणादयक फिल्मो के पात्रो से खुद को जोड़ पाएं । वो बच्चा भी हो सकता है , उसके माता-पिता भी या कोई अन्य भी । ये प्रेरणादयक फिल्मे कब किसी बच्चे के साथ-साथ , बच्चों के माँ-बाप पर भी प्रभाव डाल दे कुछ कह नहीं सकते | कब किस प्रेरणा को लेकर गाँव के हमारे ये बच्चे कुछ बहुत बड़ा कर जाय जैसी की फिल्मो में उनके ""चरित्र /कैरेक्टर" ने किया होता है, कुछ कह नहीं सकते |
आशा है बड़ी स्क्रीन पर , प्रोजेक्टर के माध्यम से गाँव के लोगो को सोच का ये "विलेज सिनेमा" जरूर पसंद आएगा । "कनेक्टिंग करैक्टर्स " - लैट दैम कनेक्ट टू दियर पावर करैक्टर
सोच का काम सोचना और जोड़ना है  बाकी काम तो खुद हो जाता है ।
आओ मिलकर गाँव में खुशियों को जोड़े , कुछ प्रेरणाओं को जोड़े ।

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दोस्तो
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सब दौड़ रहें है | हर कोई व्यस्त है लेकिन हम जानते हैं सब के भीतर एक अच्छा करने की "सोच" भी है | कुछ समय से "सोच " संस्था के सदस्यों ने ये नोटिस किया की हमारे आस -पास ऐसे काफी लोग हैं जो नंगे पाँव इस तपती , जला देने वाली धुप में चलते हैं | उनके पास चप्पल , जूते ना होने के सैकड़ो कारण हो सकते हैं जो की शायद हम नहीं समझ सकते |
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Monday, June 25, 2018

"सोच संस्था की पहल  - उत्तराखंड सरकार के नाम पहाड़ के स्कूल के बच्चो की निबंध रुपी चिट्ठियां "


पहाड़ो को पहाड़ में रहने वालो से ज़ादा शायद कोई नहीं समझ सकता और बाते जब बच्चो के मन की हो तो वो शत-प्रतिशत सच ही होती है
मन के भीतर छुपी इन बातो को समझने के लिए SOCH (सोशल आर्गेनाइजेशन फार कनेटिंग हैप्पीनेस )संस्था एवं लोस्तु-बढियारगढ़ क्षेत्रीय विकास संगठन द्वारा टिहरी गढ़वाल लोस्तु बढियारगढ़ क्षेत्र में दिनांक 17 मई को निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया


निबंध प्रतियोगिता में आस-पास के लगभग सभी स्कूलों ने भाग लिया , जिसमे दो विषय दिए गए थे:
#अगर_आप_अपने_क्षेत्र_के_विधायक_मंत्री_होते_तो_आप_अपने_क्षेत्र_गाँव_के_लिए_क्या_क्या_करते ?
#सरकारी_स्कूलों_और_गैरसरकारी_स्कूलों_की_शिक्षा_में_अंतर_बताइये


उपर्युक्त दोनों विषय अपने आप में ही बहुत कुछ कहते हैं
सोच संस्था द्वारा इस निबंध प्रतियोगिता के आयोजन के मुख्य उद्देश्य :


1.उत्तराखंड सरकार और पहाड़ के गाँवों और वंहा के लोगो से सीधा संवाद कराना है ताकि सरकार इस बात को समझ सके की पहाड़ में रहने वाले लोग अपने गाँव में , क्षेत्र में क्या सुविधाएं चाहते हैं? जाहिर है शायद इन लोगो से अच्छी जानकारी उनके अलावा कोई और दे भी नहीं सकता
2.ऐसी प्रतियोगिताओ के होने से बच्चो , उनके माँ-बाप और शिक्षकों के बीच एक दूसरे को सहयोग करने की भावना को बढ़ावा मिलता है
3.बच्चो के भीतर आत्मविश्वास और मनोबल में भी बढ़ोतरी होती है
4.प्रतियोगिता में जितने वाले बच्चो से बाकी बच्चे भी प्रेरणा लेते हैं और अगली बार की प्रतियोगिता के लिए तैयार रहते हैं या अपनी झिझक दूर करने की कोशिश करते हैं
5.विद्यालयों में एक सकारात्मक , प्रतियोगात्मक वातावरण की शुरुवात होती है

प्रतियोगिता दो वर्गो सीनियर ( कक्षा 10 से 12 ) एवं जूनियर ( कक्षा 6 से 9 )में हुवी जिसमे 6 बच्चो को प्रथम , द्वितीय , तृतीय पुरूस्कार मिला |

सीनियर वर्ग में
1. कुमारी प्रीति कंडारी , कक्षा १२ राजकीय इंटरमीडिएट कालेज मोलधार ने प्रथम
2.अरुण सिंह , कक्षा १० बी , राजकीय इंटरमीडिएट कालेजने, नागराजधार चिलेडी  द्वितीय
3.एवं नेहा पुंडीर , कक्षा १० सी ,राजकीय इंटरमीडिएट कालेज, नागराजधार चिलेडी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया

वंही जूनियर वर्ग में 
1.रोहित सिंह रावत , कक्षा , राजकीय इंटरमीडिएट कालेज, नागराजधार चिलेडी ने प्रथम
2.नितिन रावत , कक्षा बी , राजकीय इंटरमीडिएट कालेज, नागराजधार चिलेडी ने द्वितीय
3.एवं सौरभ सिंह , कक्षा सी , राजकीय इंटरमीडिएट कालेज, नागराजधार चिलेडी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया

सभी बच्चो ने बहुत अच्छा लिखा , सोच सस्था यंहा पर सीनियर वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी प्रीती कंडारी के परीक्षा की उत्तरपुस्तिका आप सभी के साथ साझा करना चाहता है ताकि सरकार भी पहाड़ से आयी इन निबंध रुपी चिट्ठियों पर एक नज़र दाल सके
सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ,शिक्षकों, बच्चो , क्षेत्रीय लोगो , सोच संस्था के उपस्तिथ सदस्यों एवं लोस्तु-बढियारगढ़ क्षेत्रीय विकास संगठन के सभी सदस्यों का इस सुन्दर निबंध प्रतियोगिता की सफलता के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद 🙏🙏🙏


 SOCH - सोच (सोशियल आर्गेनाइजेशन फॉर कनेक्टिंग हैप्पीनेस )